MAA ( HINDI )

  


माँ


मुझे खाना खाते देख 
माँ फूलों सी मुस्कुराती  है 
मैं एक रोटी मांगूँ तो दो लेकर आती है
प्यार से कहती है खा ले बेटा छोटी सी ही तो है 

माँ ही घर की रौनक माँ ही घर की शान 
माँ है तो घर घर लगता है 

परिवार की परेशानियां अपने आँचल में समेट क़र 
विश्वास और उम्मीद बन जाती है माँ 

माँ ही हर दर्द की दवा और त्याग की देवी
सेवा भाव इसका स्वभाव 
माँ के आँचल में केवल शांति और प्यार   

माँ ही घर की बरकत माँ ही घर की रौशनी
सब्र और हौंसले का नाम है माँ 

 माँ ही पहली गुरु 
प्रेम  संस्कार और इंसानियत का पहला पाठ 
माँ ही पढ़ाती है 

बहुत बार जीवन में रिश्ते टूट सकते हैं 
लेकिन माँ सदा माँ ही रहती है

माँ की ममता सारे संसार को पालती है 
ऐसा लगता है जैसे 
 ईश्वर माँ के दिल में रहता है 



_________________


 














 

 

Comments

  1. अती सुन्दर

    ReplyDelete
  2. Every line felt warm, comforting and beautifully real … just like a mother’s love 🤍

    ReplyDelete
  3. मां एक ऐसा संसार है जिसकी ममतामयी छांव में बच्चे पलते और बड़े होते हैं, और जबतक यह छांव रहती है तब तक बच्चे अधेड़ होने पर भी मां के लिए तो बच्चे ही रहते हैं....
    अति सुन्दर कविता अरूणा जी की कलम से 👍

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

THE MOTHER

PYAR KI DHUN (HINDI)

THE MOTHERS

AS GOOD AS ONION

THE SIGNATURE OF TIME

THE BABY BED OF HUMANITY

NOOR KI BOOND (IN HINDI)

MAEN OR MERI KHUSHIYAN (HINDI )

ZINDAGI KEE LKEERAEN ( HINDI )

THE FRUIT OF LOVE