MAA ( HINDI )
माँ
मुझे खाना खाते देख
माँ फूलों सी मुस्कुराती है
मैं एक रोटी मांगूँ तो दो लेकर आती है
प्यार से कहती है खा ले बेटा छोटी सी ही तो है
माँ ही घर की रौनक माँ ही घर की शान
माँ है तो घर घर लगता है
परिवार की परेशानियां अपने आँचल में समेट क़र
विश्वास और उम्मीद बन जाती है माँ
माँ ही हर दर्द की दवा और त्याग की देवी
सेवा भाव इसका स्वभाव
माँ के आँचल में केवल शांति और प्यार
माँ ही घर की बरकत माँ ही घर की रौशनी
सब्र और हौंसले का नाम है माँ
माँ ही पहली गुरु
प्रेम संस्कार और इंसानियत का पहला पाठ
माँ ही पढ़ाती है
बहुत बार जीवन में रिश्ते टूट सकते हैं
लेकिन माँ सदा माँ ही रहती है
माँ की ममता सारे संसार को पालती है
ऐसा लगता है जैसे
ईश्वर माँ के दिल में रहता है
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अती सुन्दर
ReplyDeleteEvery line felt warm, comforting and beautifully real … just like a mother’s love 🤍
ReplyDeleteमां एक ऐसा संसार है जिसकी ममतामयी छांव में बच्चे पलते और बड़े होते हैं, और जबतक यह छांव रहती है तब तक बच्चे अधेड़ होने पर भी मां के लिए तो बच्चे ही रहते हैं....
ReplyDeleteअति सुन्दर कविता अरूणा जी की कलम से 👍