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NAARI SHAKTI (HINDI)

नारी शक्ति  ईश्वर ने हर इंसान को दो हाथ दिये  और इन दो हाथों में बहुत शक्ति दी  लेकिन पुरुष प्रधान समाज में   हमेशा नारी को कमज़ोर समझा जाता है  नारी  कोमल है पर बहुत सशक्त  हर संकट में वह इक माँ है  देवी का स्वरूप  वह जानती है केवल रसोई चलाने  से ही  ज़िंदगी नहीं चलती  नारी गर्भ धारण करती है  बच्चे और  परिवार सब संभालती है  ज़िम्मेदारियाँ निभाती है  घर चलाने के लिये ज़रूरत पड़ने पर  और ज़िंदगी में अपनी  क्षमता अनुसार  वह घर से बाहर भी जा कर काम करती है नारी दिल और दिमाग से ज़िंदगी चलाती है  बिना घबराए वह हर समस्या का सामना कर सकती है  और परेशानियाँ भी सुलझाती है  नारी मकान को घर बनाती है  यदि पुरुष मकान की छत है  तो घर की चारों दीवारे  नारी के मज़बूत कंधों पर ही  खड़ी हैं  ज़िंदगी , समाज, घर और संसार  नारी शक्ति की पहचान हैं  _____________________

SAADEE KHUSHIYAN (PUNJABI)

   साडी  ख़ुशियाँ  सारी उमर इंतज़ार करदे रहे वड्डी वड्डी खुशियाँ दा  छोटी छोटी खुशियाँ  बक्से च साम्ब के रख दितियाँ  असीं  सोचया के अराम नाल बै के वेखांगे  पर कदी अराम नाल बैठे नई  भजदे रहे सारी ज़िंदगी    कदी अपणेयां लई  ते कदी अपणे लई  अज शीशा वेख्या सोचया ऐ कोण ? अपणे आप नू पछान्या नई  किथे गई पैली जई साडी शख्सियत  ? साडा रोब ? ते किथे गया साडा हासा ? किथे  गइयाँ ज़िंदगी दियाँ  यादां  प्यार दुलार ते मुहब्बत किथे गए ? अज साडे हथ खाली हण ते मन विच अफ़सोस  खुशियाँ दे मेले हमेशा लई नई रुकदे  जीवें नैहर दा पाणी सानू हथ ला के कदी मुड़ के नई आंदा  अगे वद जांदा ऐ  खुशियाँ छोटीयां होण या वड्डीयाँ हमेशा वास्ते नई  रुकदीयां  कोई ब ख़ुशी छोटी या वड्डी नई हुंदी  ख़ुशी बस ख़ुशी हुंदी ए  कदी सोचया ? हर ख़ुशी नू रज के रलमिल के जीओ ते मनाओ   हर ख़ुशी नू  घुट के जफ्फी  पाओ  जी भर के हस्सो  खेडो  जी भर के ज़िंदगी दे मज़े लओ  साडी खुशियाँ...