SAADEE KHUSHIYAN (PUNJABI)

  


साडी  ख़ुशियाँ 


सारी उमर इंतज़ार करदी रई वड्डी वड्डी खुशियाँ दा
 छोटी छोटी खुशियाँ  बक्से च साम्ब साम्ब रखदी रई 
सोचया अराम नाल बै के वेखांगी

पर कदी अराम नाल बैठी नई 
नस्दी रई कदी अपणेयां लई 
ते कदी अपणे लई 

अज शीशा वेख्या सोचया ऐ कोण ?
अपणे आप नू पछान्या नई 
किथे गई पैली जई मैं ?
किथे गया मेरा हासा ?
किथे  गइयाँ मेरी ज़िंदगी दियाँ  यादां 
प्यार दुलार ते मुहब्बत किथे गए ?

अज मेरे हथ खाली हण ते मन विच अफ़सोस 
खुशियाँ दे मेले हमेशा लई कदी रुकदे नई 

जीवें नैहर दा पाणी सानू हथ ला के कदी मुड़ के नई आंदा 
अगे वद जांदा ऐ 
खुशियाँ छोटीयां होण या वड्डीयाँ कदी रुकदीयां नई 
कोई ब ख़ुशी छोटी या वड्डी नई हुंदी 

हर ख़ुशी नू रज के रलमिल के जीओ ते मनाओ 
 हर ख़ुशी नू  घुट के जफ्फी   पाओ 
जी भर के हस्सो खेडो ज़िंदगी दे मज़े लओ 

साडियां ख़ुशियां मन दा सुख ते दिल दी  शांति हण 
एहि ज़िंदगी दा सब्तों वड्डा  सुख  ते सुकून   
साडी सारियाँ प्यारियाँ  खुशियाँ 
सब दियाँ ख़ुशियाँ 
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