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KYA MA BUDHU HOTI HAE (HINDI)

क्या माँ बुद्धू होती है ? घर के लोग उसे कुछ भी कहें  माँ चुप रहती   क्या माँ बुद्धू होती है  पति अपनी झुंझुलाहट और गुस्सा  पत्नी पर निकालते  पर माँ चुप रहती  बच्चे उसे चाहे कुछ भी गलत कहें  पर माँ फिर भी कुछ कहती नहीं  क्यों सबकी परेशानियों का गुस्सा  माँ के हिस्से  में आता है? क्यों वह सब कुछ अपनी झोली में समेट  चुपचाप उठ जाती  रसोई में जा कर परिवार की पसंद  का खाना बनाती  फिर दुलार से हँस कर सबको बुलाती है   रात ढले  आँखों के आँसू मन में छिपा के  माँ मुहँ ढक लेट जाती  और फिर सवेरे सब के लिए नाश्ता बना कर   प्यार से कहती भूख लगी होगी   "आ जाओ " आज समझ में आया  माँ कभी बुद्धू नहीं होती  बहुत बुद्धिमान है    और कठोर तो हो ही नहीं सकती  परिवार को जोड़ कर रखने की कड़ी है माँ  हिम्मत और हौंसले की हद है माँ  हर माँ  सहनशीलता की चरम सीमा है  प्यार, ममता, सयंम, साहस और क्षमा  की शक्ति का नाम है  माँ    बस ऐसी ही ह...

MOTHER FOREVER

                                                                                                MOTHER FOREVER                              Anxiety and pain                               Finally a pleasure for all times                              An amazing amatory procedure of life                              Of bearing a child                               And rearing ...

DESIRE

                                                                                            DESIRE                                                                                         Desire - so beautiful                        You are the sunshine                         You are the spring                         You are the dew-drops  ...

PURUSH ( HINDI )

    पुरुष  पिता पुत्र और पति  परिवार का हौंसला और हिम्मत  दिखने में कठोर पर मन के कोमल  पुरुष रिश्तों को संभाल कर चलते   माँ,  बहन, पत्नी और बच्चों पर जान निछावर करते हैं पिता पति और पुत्र   खुद को भूल कर सभी ज़िम्मेदारियाँ  और ज़रूरतें मन से निभाते  ये बहुत प्यार करते हैं लेकिन दिखाते नहीं  पिता बेटे की पीठ थपथपाते हैं और डाँटते भी हैं  कहने को तो पुरुष बहुत व्यहवारिक हैं  लेकिन जब बिटिया ससुराल जाती है  सबसे ज़्यादा पिता ही रोते हैं  पुरुष हर कठिनाई का सामना निडरता से करते हैं  दफ्तर की परेशानियां मन में ही रख पुरुष जीवन भर अपना  काम  और घर भी सम्भालते हैं    माँ, बहन, पत्नी और बेटी   पिता, पुत्र और पति के बिना अधूरी हैं  यही ईश्वर की सृष्टि का संसार है  जिसे स्त्री और पुरुष मिल कर चलाते  हैं  तभी जीवन में सन्तुलन  और ख़ुशियों की बहारें आती हैं  ___________    

EMBRACING LOVE

   EMBRACING  LOVE     Love -  A word for the soul and the body                  Love - A sound writing poems for loved ones Love fills life Togetherness and desires   Finding all relations  In the circle of arms Hold moon in your hands And be Grateful for love  Life and happiness Music arrives like sunshine Let your feet move with rhythm Swimming in the ocean of love Sing and dance on your songs Let your heart beat quietly Let love touch you in unbroken silence Life is filled with peaks  And valleys of happenings The spring of love Splashes pearls of our lives Bringing hope and happiness  Love always busy in writing life Desire of being together with the loved ones Love Love gives us ourselves A word for the soul and the body forever Life is only love ___________  

SRISHTI (HINDI)

सृष्टी   सृष्टी की रचना में संतुलन  कोमल भी और परिपक्व भी  जैसे सक्षम स्त्री  और पुरुष का पौरुष  जल यदि पुरुष है  नदियाँ है नारी  जगत जननी  जैसे गंगा, यमुना, सरस्वती, भागीरथी  कलियाँ स्त्रीलिंग हैं  तो कांटे पुलिंग उसके रक्षक       पुरुष   बादल हैं  तो बारिश की नन्हीं बूँदें  नारी,  जो अपने हर रूप में पूर्ण  चाँद आता है  तभी रौशनी आती है  फिर चँचल सितारे टिमटिमाते हैं  नन्हें बच्चों की तरह  जब सूरज निकलता है  धूप  उससे मिलनें आती है  शायद इसीलिये   नदियाँ समन्दर से मिलने भागी चली आती हैं  जैसे स्त्री और पुरुष  दोनों एक दूसरे के पूरक  और दोनों ही  ईश्वर की सृष्टी की दृष्टी   ____________          

ZAMEEN ( SINDHI In English)

ZAMEEN Muhinjo naalo zameen aahae Maan shaant aen susheel aahiyan Maan wadee dilwaree aahiyan Han maan zameen aahiyan Muhinjee akhiyun mae pyar aen sik aahae Sabur muhinjae rooh jee takat aahae Maan tthahiyan thee Aen daahiyan thee  Han maan zameen aahiyan Moohan maen pyar aahae Moohan maen zindgee aahae Han maan zmaeen aahiyan Jagat jnanee Muhinjo byo naalo aurat aahae Ghur jee lakshmee Aen pahnjae desh ji shaan _______