PURUSH ( HINDI )

 


 पुरुष 



पिता पुत्र और पति 
परिवार का हौंसला और हिम्मत 

दिखने में कठोर पर मन के कोमल 
पुरुष रिश्तों को संभाल कर चलते  
माँ,  बहन, पत्नी और बच्चों पर जान निछावर करते हैं

पिता पति और पुत्र  
खुद को भूल कर सभी ज़िम्मेदारियाँ 
और ज़रूरतें मन से निभाते 
ये बहुत प्यार करते हैं लेकिन दिखाते नहीं 
पिता बेटे की पीठ थपथपाते हैं और डाँटते भी हैं 

कहने को तो पुरुष बहुत व्यहवारिक हैं 
लेकिन जब बिटिया ससुराल जाती है 
सबसे ज़्यादा पिता ही रोते हैं 

पुरुष हर कठिनाई का सामना निडरता से करते हैं 
दफ्तर की परेशानियां मन में ही रख
पुरुष जीवन भर अपना  काम
 और घर भी सम्भालते हैं  

 माँ, बहन, पत्नी और बेटी  
पिता, पुत्र और पति के बिना अधूरी हैं 

यही ईश्वर की सृष्टि का संसार है 
जिसे स्त्री और पुरुष मिल कर चलाते  हैं 
तभी जीवन में सन्तुलन 
और ख़ुशियों की बहारें आती हैं 


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