NAARI SHAKTI (HINDI)



नारी शक्ति 


ईश्वर ने हर इंसान को दो हाथ दिये 
और इन दो हाथों में बहुत शक्ति दी 
लेकिन पुरुष प्रधान समाज में
  हमेशा नारी को कमज़ोर समझा जाता है 

नारी  कोमल है पर बहुत सशक्त 
हर संकट में वह इक माँ है 
देवी का स्वरूप 
वह जानती है केवल रसोई चलाने
 से ही  ज़िंदगी नहीं चलती 

नारी गर्भ धारण करती है 
बच्चे और  परिवार सब संभालती है 
ज़िम्मेदारियाँ निभाती है 

घर चलाने के लिये ज़रूरत पड़ने पर 
और ज़िंदगी में अपनी  क्षमता अनुसार 
वह घर से बाहर भी जा कर काम करती है

नारी दिल और दिमाग से ज़िंदगी चलाती है 
बिना घबराए वह हर समस्या का सामना कर सकती है 
और परेशानियाँ भी सुलझाती है 

नारी मकान को घर बनाती है 
यदि पुरुष मकान की छत है 
तो घर की चारों दीवारे
 नारी के मज़बूत कंधों पर ही  खड़ी हैं 

ज़िंदगी , समाज, घर और संसार 
नारी शक्ति की पहचान हैं 



_____________________


Comments

  1. नारी शक्ति और परिवार को चलाने और संजोकर रखने में नारी की एक अहम भूमिका को इस कविता ने सुंदर रूप से प्रस्तुत किया है 👍

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  2. More than words, this is a quiet revolution. She doesn’t ask for power….she is the power that keeps everything standing.

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