BARISH KI NNHEEN BOONDAEN (HINDI)







बारिश की नन्हीं  बूँदे 


नन्हीँ  नन्हीँ  बूँदें 
टिप टिप करती आँगन में गिरती 
जैसे धरती माँ की गोद में जानें को उतावली हों 

जीवनदायिनी बारिश की बूँदें 
हमें खुशियों से भरतीं 
बेजान पौधों को हरा भरा करतीं 

भूली बिसरी यादें याद करातीं तो 
मन मुस्कुराने और दिल गुनगुनाने लगता है 

ये  नन्हीं  बूँदें 
 हमारी ख़ुशियों का ख़ज़ाना 
 अपने अंदर संभाल कर  रखती 

यही बारिश इंसानों की गल्तियों के कारण 
प्रकृति के प्रकोप के  तांडव रूप में 
बाढ़ बन कर इंसानों के घरबार, पेड़ पौधे 
और फ़सलें सब कुछ तबाह कर देती  है 

ये नन्हीं बूँदें जैसे कह रही हों 
अपने घमंड,  लालच और अपनी शान में आ कर 
कभी भी प्रकृति से खिलवाड़ न करें 
 
सृष्टि का आशीर्वाद हैं 
ये बारिश की नन्हीं बूँदें
 विनाशिनी नहीँ  जीवनदायिनी हैं
 
टिप टिप करती प्यारी नन्हीँ बूँदें 
हमारी ख़ुशियों की रखवाली करती  
 इस धरती की रक्षक  



_____________


 

 





 
  



   


 

Comments

  1. प्रकृति के दो विपरीत स्वरूपों का एक बहुत सटीक वर्णन अरूणा जी की सशक्त लेखनी द्वारा प्रस्तुत इस सुंदर कविता में मिलता है 👍

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  2. Ma’am, a truly elegant and evocative poem. I especially admired how you captured both the charm of raindrops and their deeper message about nature. Very moving.

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