VISHWAS KI GOND (HINDI)

 विश्वास की गोंद 


नए साल के पहले दिन 
सोचती हूँ आज ही होलिका की आग में 
पिछले सालों की परेशानियाँ इसमें डाल दूँ  
इन सालों नें हमें हिम्मत और धैर्य का पाठ तो पढ़ाया ही  
जो हमारे पास है उसकी कीमत भी  बताई 

साल बदला है 
पर अनजाने दुश्मन की परछाईं 
अभी भी मंडरा रही है 
अकेलापन और अपनों को खोने का दर्द मन में है 
नई आशाओं और उम्मीदों को फिर से ग्रहण लगा है 

खुशीओं का पालना फिर चिंता से डोल रहा है 
पर हम भी हौंसला नहीं छोड़ेंगे
आत्मविश्वास की चमकती गोंद के 
मरहम से 
सहमी ज़िंदगी को फिर सुन्दर बनाएँगे 

ये अहंकार का समय नहीँ 
हम सब एक हैं 
छोटी छोटी ख़ुशियों के पंछियों को   
अपने चारों तरफ उड़ने दो

आज ज़िंदगी बहुत डरी हुई है 
यही समय है हौंसला और समझदारी दिखाने का 
 यही समय है नई शुरुआत करने का 

आज ज़िंदगी सहमी है 
पर है ये बहुत भोली और बहुत ज़िद्दी 
आओ हम उम्मीद और अपने  विश्वास की
 चमकती गोंद से सजा कर 
प्यारी ज़िन्दगी को गले लगाऐं 
  और नव वर्ष का स्वागत करें 


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